रविवार, 7 जून 2015

अमन का राग / शमशेर 

यह सुख का भविष्य शांति की आँखों में ही वर्तमान है
इन आँखों से हम सब अपनी उम्मीदों की आंखें सेंक रहे हैं
ये आँखें हमारे दिल में रौशन और हमारी पूजा का फूल हैं
ये आँखें हमारे कानून का सही चमकता हुआ मतलब
और हमारे अधिकारों की ज्योति से भरी शक्ति हैं
ये आँखें हमारे माता पिता की आत्मा और हमारे बच्चों का दिल हैं
ये आंखें हमारे इतिहास की वाणी
और हमारी कला का सच्चा सपना हैं
ये आँखें हमारा अपना नूर और पवित्रता हैं
ये आँखें ही अमर सपनों की हकीकत और
हकीकत का अमर सपना हैं
इनके देख पाना ही अपने आपको देख पाना है, समझ पाना है।
हम मनाते हैं कि हमारे नेता इनको देख रहे हों ।

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